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सुप्रीम कोर्ट ने हौज खास ‘डीयर पार्क’ का जमीनी सर्वे कर उसकी वहन क्षमता का पता लगाने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के हौज खास स्थित ‘डीयर पार्क’ में पुरानी प्रबंधकीय खामियों को रेखांकित करते हुए बुधवार को केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) को जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण करने और पार्क में हिरणों की वर्तमान संख्या तथा उसकी क्षमता का पता लगाने का निर्देश दिया. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि 2014-2022 की मूल्यांकन रिपोर्टें बाड़ों के रखरखाव, पशु चिकित्सा अवसंरचना, अभिलेख-संरक्षण, संख्या नियंत्रण और आवास संवर्धन से संबंधित लगातार गैर-अनुपालन को रेखांकित करती हैं. पीठ ने कहा, 'रिकॉर्ड में प्रस्तुत सामग्री से पता चलता है कि ए एन झा ‘डीयर पार्क’, अपने ऐतिहासिक और पारिस्थितिक महत्व के बावजूद, कई वर्षों से पुरानी प्रबंधकीय कमियों से ग्रस्त है.' पीठ ने कहा कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा बार-बार दी गई विस्तार अवधि और समय-समय पर जारी किए गए चेतावनी पत्र यह दर्शाते हैं कि ‘डीयर पार्क’ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972; राष्ट्रीय चिड़ियाघर नीति, 1998
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