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सुप्रीम कोर्ट का अनोखा न्याय: 'बच्चे को दिलवाया पिता से भरण-पोषण, खुद को गरीब वकील बता रहे पिता को दिलवाया काम'
3 साल से बच्चे को 1 पैसा न देने वाले पिता को सुप्रीम कोर्ट ने हर महीने 10 हजार रुपए देने का आदेश दिया. जब वकील पिता ने अपनी आमदनी लगभग 20 हजार ही होने का दावा किया तो कोर्ट ने उसे लीगल सर्विस कमेटी से केस दिलवाने का बंदोबस्त कर दिया. चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह सब कुछ किया एक ऐसे मामले में जहां 3 साल पहले हुए तलाक की वैधता ही विवाद में है. क्या है मामला?गाजियाबाद की रहने वाली बेनजीर हिना को उनके पति यूसुफ ने 2022 में तलाक ए हसन (1-1 महीने के अंतर में कुल 3 बार बोला जाने वाला तलाक) दिया, लेकिन यूसुफ ने ऐसा एक वकील के जरिए किया. यानी वकील के दस्तखत से बेनजीर को 3 बार तलाक भेजा गया. बेनजीर ने इसे अवैध बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. साथ ही मुस्लिम पुरुषों को तलाक का
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