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संसदीय कूटनीति में नई जान फूंकेंगे 'फ्रेंडशिप ग्रुप्स', ओम बिरला ने किया बड़ा ऐलान, जानें इसका मतलब
Om Birla News: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय संसदीय कूटनीति को एक नई दिशा और वैश्विक विस्तार देने के लिए संसद में “फ्रेंडशिप ग्रुप्स” के गठन की घोषणा की है. इस पहल की सबसे खास बात इसकी समावेशी संरचना है, जिसमें युवा सांसदों से लेकर 80 साल तक के दिग्गज नेताओं को कमान सौंपी गई है.लोकसभा अध्यक्ष की इस योजना के तहत जहां एक ओर श्रीकांत शिंदे जैसे युवा चेहरों को आगे लाया गया है, वहीं दूसरी ओर पी. चिदंबरम जैसे अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है. यह कदम संसद के भीतर 'पीढ़ियों के सेतु' के रूप में देखा जा रहा है. अनुभव और ऊर्जा का अनूठा मेल युवा सांसद: नई सोच, आधुनिक तकनीक और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ नवाचार लाएंगे. वरिष्ठ नेता: संसदीय परंपराओं, जटिल कूटनीतिक बारीकियों और दशकों के अनुभव से मार्गदर्शन करेंगे. क्या हैं फ्रेंडशिप ग्रुप्स और क्यों हैं खास? संसदीय फ्रेंडशिप
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