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'वे फसादी, हम जिहादी', मौलाना महमूद मदनी क्यो कही ये बात, वंदे मातरम पर बोले- अगर जरूरत पड़ी तो…
जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान जिहाद को लेकर बयान दिया था, जिसके बाद देश में राजनीति गरमा गई. उन्होंने मंगलवार (2 दिंसबर 2025) को बताया कि जिहाद को लेकर उन्होंने जो बयान दिया उससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई और इसके कई अर्थ निकालने जाने लगे. इस दौरान उन्होंने वंदे मातरम को लेकर भी बयान दिया. न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में मौलाना महमूद मदनी ने कहा, "सबसे बड़ा जिहाद अपने लक्ष्य के बारे में स्पष्ट दृष्टिकोण रखना और खुद पर काम करना है. अगर अन्याय हो रहा है तो उसके खिलाफ आवाज उठाएं यह भी जिहाद है. जब से मैंने इस संगठन में एक सचिव के रूप में प्रवेश किया है, मैंने इसे अपने जीवन का मिशन बना लिया है कि कैसे आतंकवादियों ने इस्लामी शब्दावली को गलत समझा है." जिहाद एक पवित्र शब्द: मौलाना मदनी उन्होंने कहा, "हम
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