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'राष्ट्र के प्रति अत्यधिक गर्व की वजह से दो विश्वयुद्ध हुए', राष्ट्रवाद पर मोहन भागवत का बड़ा बयान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार (29 नवंबर, 2025) को कहा कि विवादों में उलझना भारत के स्वभाव में नहीं है और देश की परंपरा ने भाईचारे और सामूहिक सद्भाव पर हमेशा जोर दिया है. भागवत ने महाराष्ट्र के नागपुर जिले में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव में कहा कि राष्ट्र की अवधारणा के मामले में भारत का दृष्टिकोण पश्चिमी व्याख्याओं से मूलतः भिन्न है. उन्होंने कहा, “हमारा किसी से कोई विवाद नहीं है. हम विवादों से दूर रहते हैं. विवाद करना हमारे देश के स्वभाव में नहीं है. एकजुट रहना और भाईचारे को बढ़ावा देना हमारी परंपरा है.” राष्ट्र के प्रति अत्यधिक गर्व के कारण दो विश्वयुद्ध हुए- भागवत संघ प्रमुख ने कहा, “दुनिया के अन्य हिस्से संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में विकसित हुए हैं. एक बार कोई मत बन जाने के बाद उससे अलग कोई भी विचार अस्वीकार्य हो जाता है. वे अन्य विचारों के लिए दरवाजे बंद
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