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'ये संविधान के दायरे से बाहर…' धर्मांतरण रोधी कानून के खिलाफ याचिका दाखिल, सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से मांगा जवाब
राजस्थान के गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम, 2025 के खिलाफ दाखिल एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच के सामने यह याचिका लगी. पीपुल्स यूनियन फॉर लिबर्टीज और अन्यों की तरफ से यह याचिका दाखिल की गई है, जिस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा. इसके साथ ही कोर्ट ने इस याचिका को इसी मुद्दे से जुड़ी पहले से लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ दिया. सीनियर एडवोकेट संजय पारिख याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में पेश हुए थे. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि इसी तरह के मामले सुप्रीम कोर्ट में पहले से लंबित हैं और इस याचिका को उसमें जोड़ देना चाहिए. याचिकाकर्ताओं ने यह घोषित करने का अनुरोध किया है कि अधिनियम के प्रावधान 'मनमाने, अनुचित, अवैध और संविधान के दायरे से बाहर' हैं और अनुच्छेद 14 (कानून
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