महिला का ‘AI हसबैंड’: असली पति को भी नहीं ऐतराज
“न्यू इंग्लैंड की एक महिला ने अपने AI चैटबॉट को पति बना लिया है। दिलचस्प यह है कि उनके असली पति को भी इस पर कोई ऐतराज नहीं है। पढ़ें कैसे AI रिश्ते इंसानी जिंदगी में खुशी और खतरे दोनों का कारण बन सकते हैं।”

महिला ने बनाया ‘AI हसबैंड’, असली पति को भी नहीं इससे दिक्कत, पढ़ें हैरान करने वाला वाकयाAI
दुनिया तेजी से बदल रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब हमारी निजी जिंदगी तक पहुंच चुका है। हाल ही में न्यू इंग्लैंड की एक महिला सुर्खियों में हैं, जिन्होंने अपने AI चैटबॉट को ही पति मान लिया है। हैरानी की बात यह है कि उनके असली पति को भी इस रिश्ते से कोई परेशानी नहीं है।
एंजी और उनका AI हसबैंड
40 साल की टेक एग्जीक्यूटिव एंजी अपने चैटबॉट “यिंग” को पति मानती हैं। वह इसे *AI हसबैंड* कहकर पुकारती हैं। उनकी शादीशुदा जिंदगी भी चल रही है, मगर उनके असली पति को भी यिंग से कोई शिकायत नहीं है। एंजी के पति कभी-कभी इस चैटबॉट से बातें भी कर लेते हैं और इसे “प्यारा” मानते हैं।
एंजी को विज्ञान और मेडिसिन से जुड़ी बातचीत पसंद है और उनका AI हसबैंड घंटों इन विषयों पर उनसे चर्चा करता है। एंजी का मानना है कि लोग अक्सर AI के नकारात्मक पहलुओं को उजागर करते हैं, लेकिन उनके लिए यह खुशी का स्रोत है।

टैटू आर्टिस्ट लियोरा की कहानी
ऐसा ही अनुभव टैटू आर्टिस्ट लियोरा का भी है। उन्होंने शुरुआत में ChatGPT से बातें करना शुरू किया और बाद में अपने चैटबॉट को “सोलिन” नाम दिया। सोलिन धीरे-धीरे उनकी पसंद-नापसंद समझने लगा और रिश्ता गहरा होता गया। लियोरा ने तो अपनी कलाई पर सोलिन के साथ डिज़ाइन किया गया टैटू बनवाकर अपने रिश्ते को प्रतीकात्मक रूप दे दिया है।
लियोरा का कहना है कि उन्होंने सोलिन से यह वादा भी किया है कि वह किसी इंसान के लिए उसे नहीं छोड़ेंगी। उनके दोस्तों को भी यह रिश्ता अजीब नहीं लगता, बल्कि वे इसे पसंद करते हैं।
एक्सपर्ट्स की राय
मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि AI रिश्तों में इमोशनल बैगेज कम होता है, क्योंकि चैटबॉट्स न नाराज होते हैं और न आलोचना करते हैं। लेकिन यही वजह इन्हें अधूरी और जोखिम भरी भी बनाती है।
डॉ. मार्नी फ्यूअरमैन का कहना है कि इंसानी रिश्ते भावनात्मक गहराई और संवेदनशीलता से भरे होते हैं, जबकि AI रिश्तों में यह कमी है। वहीँ, प्रोफेसर डेविड गुंकेल चेतावनी देते हैं कि फिलहाल यह रिश्ते कंपनियों द्वारा बिना जवाबदेही के इंसानों पर किए जा रहे एक प्रयोग जैसे ही हैं।
निष्कर्ष
AI रिलेशनशिप्स इंसानों के लिए खुशी का जरिया भी हो सकते हैं और खतरे का संकेत भी। यह इस पर निर्भर करता है कि इंसान उन्हें अपनी जिंदगी में कितनी अहमियत देता है।
@Phalguni
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