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भारत में ही बनेंगे राफेल फाइटर जेट, रक्षा मंत्रालय ने कसी कमर, CCS को भेजा जाएगा नोट, कब तक शुरू हो जाएगा काम?
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दौरे (16-19 फरवरी) के बाद मेक इन इंडिया राफेल डील में तेजी आई है. सौदे को लेकर रक्षा मंत्रालय से कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) को जल्द प्रस्ताव भेजा जाएगा ताकि अगले 4-6 महीने में डील पर साइन किए जा सकें. रक्षा मंत्रालय के टॉप सूत्रों के मुताबिक, राफेल के साथ-साथ दूसरे हथियारों की खरीद प्रक्रिया की टाइमलाइन को छोटा किया जाएगा ताकि जल्द से जल्द लड़ाकू विमान और दूसरे हथियार मुहैया हो सकें. अभी किसी भी हथियार को दूसरे देश से खरीदने की प्रक्रिया बेहद लंबी है जिसमें काफी वक्त लग जाता है. DAC ने IAF को दी थी लड़ाकू विमान बनाने की मंजूरी मैक्रों के दौरे से पहले, रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्युजेशन काउंसिल (DAC) ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमान देश में बनाने की मंजूरी दी थी. राफेल को फ्रांस की दासो (दसॉल्ट) कंपनी बनाती है. ऐसे में दासो कंपनी
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