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भारत-चीन युद्ध के समय पंकज उधास ने गाया था ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’, भावुक होकर लोगों ने दिया खास तोहफा
भारतीय संगीत जगत में पंकज उधास ऐसा नाम थे. जिनकी गजलें और रोमांटिक गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं. उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं था. लेकिन मेहनत और संगीत की दीवानगी ने उन्हें हर मुश्किल पार करने की हिम्मत दी थी. उनका जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के जेतपुर के एक छोटे से गांव में हुआ था. बचपन से ही उन्होंने संगीत की तरफ कदम बढ़ा दिया था. उनकी पहली स्टेज परफॉर्मेंस की कहानी आज भी लोगों को मोटिवेट करती है. परिवार से मिला संगीत का माहौलपंकज उधास के पिता केशुभाई उधास सरकारी नौकरी में थे. लेकिन उन्हें संगीत से बहुत प्यार था. उनकी मां जीतूबेन उधास को भी गाने का शौक था. उनके दो बड़े भाई मनहर उधास और निर्जल उधास पहले से ही सिंगर थे. घर में हर तरफ संगीत का माहौल था इसलिए पंकज भी बचपन से ही इस दिशा में दिलचस्पी लेने
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