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बॉलीवुड की पहली महिला कॉमेडियन थीं 'टुनटुन', दर्द भरी रही है जिंदगी लेकिन हंसाती रहीं दर्शकों को
हिंदी सिनेमा में जब भी हंसी और कॉमेडी की बात होती है, तो कुछ चेहरे अपने आप याद आने लगते हैं. उनमें सबसे खास नाम है उमा देवी खत्री का, जिन्हें प्यार से फैंस 'टुनटुन' कहकर बुलाते थे. यह नाम एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अचानक हुआ एक मजाक था. दिलीप कुमार ने एक हल्की-फुल्की टिप्पणी में इस शब्द को कहा था और यहीं से उमा देवी खत्री हमेशा के लिए टुनटुन बन गईं. संघर्ष भरा रहा शुरुआती जीवन हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाने से पहले उमा देवी की जिंदगी का सफर काफी दर्दभरा और संघर्षों से भरपूर था. उमा देवी खत्री का जन्म 11 जुलाई 1923 को उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में हुआ था. वह तकरीबन ढाई साल की थीं, जब जमीन के विवाद में उनके माता-पिता की हत्या कर दी गई. कुछ साल तक उनके बड़े भाई ने उनका ख्याल रखा, लेकिन जब वह नौ साल की
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