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'बार और पीठ की जिम्मेदारी समान, गरीब का दर्द समझें वकील…', आगामी CJI सूर्यकांत ने दिया बड़ा संदेश
भारत के आगामी प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कानूनी बिरादरी के सदस्यों से न्याय की मांग कर रहे लोगों के प्रति सहानुभूति रखने का आह्वान किया और इस बात पर जोर दिया कि न्याय के प्रशासन में बार और पीठ दोनों की समान जिम्मेदारी है. न्याय पाने का पहला कदम बार: न्यायमूर्ति सूर्यकांतगोमती नगर स्थित उच्च न्यायालय के प्रेक्षागृह में आयोजित अवध बार एसोसिएशन के 125वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि कमजोर व गरीब लोगों के लिए न्याय पाने का पहला कदम बार है. उन्होंने कहा, 'जो कोई भी न्याय की आस में अदालत आता है, वह सबसे पहले वकील के पास पहुंचता है. इसलिए बार को गरीबों का दर्द समझना चाहिए. न्याय के प्रशासन में बार और पीठ की समान जिम्मेदारी है.' एआई के युग में न्याय व्यवस्था की चुनौतियांन्यायमूर्ति सूर्यकांत ने बदलते समय और नयी प्रौद्योगिकी चुनौतियों का
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