एनशॉर्ट्स
बदलते दौर के साथ क्या OTT ने छीनी Theatres की चमक?
एक समय था जब शुक्रवार किसी त्योहार से कम नहीं होता था. नई फिल्म का रिलीज होना मतलब था जोश, भीड़ के साथ टिकट की लाइन में लगना, पॉपकॉर्न की खुशबू और दो घंटे के लिए किसी दूसरी दुनिया में खो जाने का एहसास. आज के समय में वो उत्साह मानो धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है.
तकनीकी रूप से संवर्धित सामग्री, सार्वजनिक हित में उचित उपयोग के तहत प्रस्तुत।
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