पलकें नोचने की आदत बन गया 77 करोड़ का बिजनेस:नया बिजनेस मॉडल; 12 घंटे के लाइव सेशन से 1.29 कर…
July 30, 2026 | by Priya Nair

पलकें नोचने की आदत बन गया 77 करोड़ का बिजनेस:नया बिजनेस मॉडल; 12 घंटे के लाइव सेशन से 1.29 करोड़ की कमाई। यह घटनाक्रम फिलहाल सुर्खियों में है।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरी घटना को सिलसिलेवार ढंग से यहां समझाया जा रहा है।
क्या बदला
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्थिति सामने रखी जा रही है। अधिक विवरण मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
मुख्य बातें
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इस बीच मिली अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, टॉप न्यूज़राज्य-शहरभास्कर इन्वेस्टिगेशनक्रिकेटभास्कर खासDB ओरिजिनलस्पोर्ट्सबॉलीवुडजॉब – एजुकेशनबिजनेसलाइफस्टाइलजीवन मंत्रवुमनदेशविदेशराशिफलटेक – ऑटोफेक न्यूज एक्सपोज़ओपिनियनमधुरिमामैगजीनयूटिलिटीलाइफ – साइंसमध्य प्रदेशउत्तरप्रदेशराजस्थानबिहारय
अब तक क्या सामने आया है
डेजी केली वर्षों तक अपनी पलकें नोचती रहीं। कोविड महामारी के दौर में जब ब्यूटी सैलून बंद हो गए, तो उन्होंने पलकें दोबारा उगाने के लिए एक सीरम बनाया। 2020 में मां की रसोई की मेज से ‘ग्लो फॉर इट’ नाम का बिजनेस शुरू किया। आज यह कंपनी सालाना 60 लाख पाउंड (~77.30 करोड़) का बिजनेस करती है। इसकी 40% से ज्यादा बिक्री टिकटॉक शॉप यूके से आती है- खास तौर पर लाइवस्ट्रीम से। बीबीसी वर्ल्ड की रिपोर्ट में 27 साल की डेजी बताती हैं, ‘लाइव शॉपिंग लोगों को वह जुड़ाव देती है, जिसकी हम सबको चाहत है। 12 घंटे के एक टिकटॉक लाइव सेशन से हमने 1.29 करोड़ की कमाई कर ली।’ उनका स्टूडियो रोज कम से कम छह घंटे लाइव रहता है। अलग-अलग प्रेजेंटर प्रोडक्ट दिखाते और खरीदारों के सवालों के जवाब देते हैं। डेजी कहती हैं, ‘यह कुछ ऐसा है जैसे आपकी दुकान में एक साथ 500 लोग खड़े हों।’ इंस्टाग्राम लाइव, यूट्यूब शॉपिंग, ईबे और अमेजन लाइव जैसे कई प्लेटफॉर्म अब लाइव शॉपिंग की रेस में हैं। रिटेल एजेंसी सैवी मार्केटिंग के एक सर्वे के मुताबिक, 30% खरीदारों ने माना कि उन्होंने किसी लाइव शॉपिंग इवेंट से खरीदारी की है। सैवी की सीईओ कैथरीन शटलवर्थ कहती हैं, ‘बड़े रिटेलर्स को इसे गंभीरता से लेना होगा।’ टिकटॉक शॉप के मुताबिक जून में यूके (ब्रिटेन) में उसकी बिक्री सालाना 30% से ज्यादा बढ़ी। अब हर दिन 6,000 से ज्यादा लाइवस्ट्रीम होते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वॉल्वरहैम्प्टन के हलाल बुचर मैनी मलिक ने महज एक स्मार्टफोन और लाइटिंग किट के सहारे एक टिकटॉक लाइव में करीब 200 दर्शक जुटा लिए। वे बताते हैं, “बीते हफ्ते तीन घंटे के लाइव में हमने करीब 10 लाख का मीट बेच दिया, जबकि दुकान में इतना बेचने में 3-4 दिन लग जाते।’ ज्वेलरी ब्रांड ‘एडोरिना’ की संस्थापक बुकेट सेविक ने नौकरी छोड़कर फरवरी में बिजनेस शुरू किया था। मई में टिकटॉक लाइव सेलिंग शुरू करने के बाद उनके ऑर्डर प्रति माह 50 से बढ़कर 500 प्रति हफ्ता हो गए। वे कहती हैं, ‘मैं जब चाहूं लाइव जा सकती हूं- बेटी को सुलाकर बस लाइव ऑन कर देती हूं।’ लेकिन इस चमक के पीछे चिंता भी है। सैवी के सर्वे में जेन-वाई (30-45 वर्ष) और जेन-जी (14-29 वर्ष) के 66% खरीदारों ने माना कि प्रोडक्ट के ‘सोल्ड आउट’ या वायरल होने से खरीदारी की इच्छा बढ़ जाती है। फ्री लोन सलाह सर्विस ‘मनी वेलनेस’ की रेबेका लैम्ब चेताती हैं, ‘हर बार डील झपटने पर दिमाग को वही डोपामाइन झटका मिलता है, जो जुए में मिलता है और वन-टैप पेमेंट में तो दिमाग को खर्च का एहसास होने से पहले ही पैसा निकल जाता है।’ लाइव शॉपिंग फ्री नहीं, 15% तक कमीशन लाइव शॉपिंग मुफ्त नहीं है। टिकटॉक शॉप यूके 9% तक कमीशन लेती है। ईबे के सामान्य मार्केटप्लेस सेलर्स को कैटेगरी के हिसाब से 7-15% तक कमीशन देने होते हैं। इसके लाइव सेलिंग फॉर्मेट ‘ईबे लाइव’ पर पेमेंट प्रोसेसिंग समेत कुल फीस 8.42% तक जाती है। मैनी मलिक कहती हैं, ‘मीट के धंधे में मार्जिन वैसे भी कम होता है। यह फीस भारी लगती है, पर मुनाफा फिर भी बचा है।’
प्रसंग
यह खबर "पलकें नोचने की आदत बन गया 77 करोड़ का बिजनेस:नया बिजनेस मॉडल; 12 घंटे के लाइव सेशन से 1.29 करोड़ की कमाई" से जुड़ी है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसका सार है: डेजी केली वर्षों तक अपनी पलकें नोचती रहीं। कोविड महामारी के दौर में जब ब्यूटी सैलून बंद हो गए, तो उन्होंने पलकें दोबारा उगाने के लिए एक सीरम बनाया। 2020 में मां की रसोई की मेज से ‘ग्लो फॉर इट’ नाम का बिजनेस शुरू किया। आज यह कंपनी सालाना 60 लाख पाउंड (~77.30 करोड़) का बिजनेस करती ह
ऐसी खबरों में शुरुआती अपडेट और अंतिम तस्वीर के बीच अक्सर कुछ अंतर होता है। पाठकों के लिए मुख्य घटना, उसका असर और आगे आने वाले अपडेट को अलग-अलग समझना मददगार रहता है।
अपराध, अदालत, राजनीति, स्वास्थ्य या वित्त जैसे संवेदनशील विषयों में स्थिति समय के साथ बदल सकती है, इसलिए इस पर आगे भी अपडेट दिया जाएगा।
पाठकों पर असर
कारोबार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों में पाठकों के लिए बाजार, नौकरी, उपभोक्ता फैसलों और नीति संकेतों का असर महत्वपूर्ण हो सकता है।
NewzQuest दृष्टिकोण
NewzQuest की नजर में इसका असर आने वाले हफ्तों में बाजार और उपभोक्ता भरोसे पर दिख सकता है।
आगे क्या देखना है
- कंपनियों और नियामकों की ओर से अगली प्रतिक्रिया।
- बाजार और निवेशकों पर पड़ने वाला असर।
- नीति या नियमों में संभावित बदलाव।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
बिजनेस खबरों का असर बाजार, उपभोक्ताओं और कंपनियों के फैसलों पर पड़ सकता है।
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आगे क्या
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