देवशयनी एकादशी 25 को:भगवान विष्णु की पूजा के साथ करें व्रत-उपवास, शनिदेव को चढ़ाएं सरसों का …

कल यानी शनिवार, 25 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी व्रत किया जाएगा। इस व्रत को देवशयनी एकादशी कहते हैं। इसे हरिशयनी, पद्मा और आषाढ़ी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस तिथि से भगवान विष्णु चार माह की
देवशयनी एकादशी 25 को:भगवान विष्णु की पूजा के साथ करें व्रत-उपवास, शनिदेव को चढ़ाएं सरसों का तेल और काले तिल। यह घटनाक्रम फिलहाल सुर्खियों में है।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरी घटना को सिलसिलेवार ढंग से यहां समझाया जा रहा है।
क्या बदला
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्थिति सामने रखी जा रही है। अधिक विवरण मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
मुख्य बातें
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इस बीच मिली अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, Devshayani Ekadashi 2026 Vrat Katha, Lord Vishnu Puja, and Shani Dev remedies. मान्यता है कि इस तिथि से भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा में चले जाते हैं।
अब तक क्या सामने आया है
कल यानी शनिवार, 25 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी व्रत किया जाएगा। इस व्रत को देवशयनी एकादशी कहते हैं। इसे हरिशयनी, पद्मा और आषाढ़ी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस तिथि से भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी के साथ चातुर्मास की शुरुआत होती है, जो देवउठनी एकादशी (20-21 नवंबर) तक चलता है। चातुर्मास में मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त नहीं रहते हैं, इन दिनों में पूजा-पाठ, मंत्र जप, तप और सेवा को अधिक महत्व दिया जाता है। शनिवार और एकादशी के योग में शनिदेव को सरसों का तेल और काले तिल चढ़ाएं। ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जप करें। परंपराओं के अनुसार भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता हैं। उनके योगनिद्रा में जाने का संदेश यह है कि अब आत्मचिंतन, संयम और भक्ति का समय शुरू हो गया है। इसलिए चातुर्मास के चार महीनों में लोग अपने जीवन में सादगी अपनाने, धार्मिक कार्य करने और सात्विक जीवन जीने का संकल्प लेते हैं। इन चार महीनों में वर्षा का दौर रहते हैं, ऐसी स्थिति में एक जगह रहकर भक्ति करने का महत्व काफी अधिक माना गया है। पुराने समय में चातुर्मास के दिनों में किसी जगह रुककर ही भक्ति किया करते थे। कब रखा जाएगा व्रत? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, एकादशी तिथि 24 जुलाई की सुबह 9:12 बजे से शुरू होकर 25 जुलाई की सुबह 11:34 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। कैसे करें पूजा?
प्रसंग
यह खबर "देवशयनी एकादशी 25 को:भगवान विष्णु की पूजा के साथ करें व्रत-उपवास, शनिदेव को चढ़ाएं सरसों का तेल और काले तिल" से जुड़ी है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसका सार है: कल यानी शनिवार, 25 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी व्रत किया जाएगा। इस व्रत को देवशयनी एकादशी कहते हैं। इसे हरिशयनी, पद्मा और आषाढ़ी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस तिथि से भगवान विष्णु चार माह की योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी के साथ चातुर्मास की शुरुआत ह
ऐसी खबरों में शुरुआती अपडेट और अंतिम तस्वीर के बीच अक्सर कुछ अंतर होता है। पाठकों के लिए मुख्य घटना, उसका असर और आगे आने वाले अपडेट को अलग-अलग समझना मददगार रहता है।
अपराध, अदालत, राजनीति, स्वास्थ्य या वित्त जैसे संवेदनशील विषयों में स्थिति समय के साथ बदल सकती है, इसलिए इस पर आगे भी अपडेट दिया जाएगा।
पाठकों पर असर
पाठकों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलते घटनाक्रम का संक्षिप्त, स्रोत-आधारित और साफ संदर्भ देती है।
NewzQuest दृष्टिकोण
NewzQuest की नजर में यह एक शुरुआती लेकिन महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिस पर आने वाले समय में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।
आगे क्या देखना है
- इस मुद्दे पर आने वाला अगला आधिकारिक बयान।
- इसका आम लोगों और स्थानीय समुदाय पर पड़ने वाला असर।
- आने वाले दिनों में सामने आने वाले नए घटनाक्रम।
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