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'दिल्ली प्रदूषण से 22 लाख बच्चों के फेफड़ों को पहुंची क्षति', नई जनहित याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने किया सुनवाई से इनकार, जानें क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (18 नवंबर, 2025) को एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की ओर से दायर उस नई जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें देश में बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर के समाधान में लगातार और व्यवस्थागत विफलता से निपटने के लिए तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने समग्र स्वास्थ्य प्रशिक्षक ल्यूक क्रिस्टोफर कॉउटिन्हो को जनहित याचिका वापस लेने और पर्यावरणविद एम सी मेहता द्वारा प्रदूषण पर दायर एक लंबित मामले में हस्तक्षेप याचिका दायर करने की अनुमति दे दी. मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने कहा, 'याचिकाकर्ता एम सी मेहता मामले में लंबित कार्यवाही में हस्तक्षेप याचिका दायर करने के लिए याचिका वापस लेने की स्वतंत्रता चाहते हैं.' अदालत प्रदूषण पर मुख्य याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगी. कॉउटिन्हो ने 24 अक्टूबर को याचिका दायर की थी और केंद्र, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), कई केंद्रीय मंत्रालयों,
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