एनशॉर्ट्स
‘घर में संस्कार नहीं होंगे, तो होगा मतांतरण’, गोरखपुर में कुटुंब स्नेह मिलन कार्यक्रम में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि कुटुंब भारत में ही देखने को मिलता है, अन्य देशों में यह सौदा होता है. भारत में अपनेपन से बना संबंध विशेषता है, विदेशों में संबंध ऐसा नहीं हैं, वह सौदे का संबंध हैं. हमारे यहां बच्चे को अपना कुटुंब मिलता है, जबकि विदेशों में ऐसा नहीं है. वहां बड़े होने पर कुटुंब से मुक्त हो जाते हैं. सामाजिक शिक्षा, आर्थिक गतिविधियों का केंद्र, संस्कृति पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानांतरण का केंद्र कुटुंब ही है. कुटुंब का केंद्र माता है. पीढ़ी को तैयार करने वाली महिला होती है. इसी से भारत माता का परिचय होता है. उन्होंने कहा कि हम भारत माता के पुत्र है. हमारे देश में महिलाओं को माता की दृष्टि से देखते हैं, सिवाय उसके जिससे शादी हुई है, लेकिन विदेशों में ऐसा नहीं है, वहां महिलाओं को
तकनीकी रूप से संवर्धित सामग्री, सार्वजनिक हित में उचित उपयोग के तहत प्रस्तुत।