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गांधी से मतभेद, आरक्षण की मांग... पेरियार ने द्रविड़ पहचान को कैसे बनाया मुद्दा
Politics
गांधी से मतभेद, आरक्षण की मांग… पेरियार ने द्रविड़ पहचान को कैसे बनाया मुद्दा
ईवी रामासामी नायकर (ईवीआर) ने 1920-30 के दशक में तमिलनाडु की राजनीति में सामाजिक न्याय, तर्कवाद और द्रविड़ पहचान को केंद्र में रखकर एक नई विचारधारा की स्थापना की. उन्होंने जाति व्यवस्था के अंत और गैर-ब्राह्मणों के लिए समान अवसरों की मांग की, जिससे उनका महात्मा गांधी से टकराव हुआ.

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