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'कानून से ऊपर कोई नहीं', बांग्लादेश में शेख हसीना को मिली मौत की सजा तो क्या बोले मोहम्मद यूनुस?
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके सहयोगी के खिलाफ एक विशेष न्यायाधिकरण के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि फैसले ने एक बुनियादी सिद्धांत की पुष्टि करते हुए ताकत की परवाह किए बिना यह स्पष्ट कर दिया कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-बांग्लादेश (ICT-BD) ने 78 वर्षीय शेख हसीना और उनके पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को पिछले साल के छात्र विद्रोह के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई. कोर्ट ने शेख हसीना को पहले भगोड़ा किया था घोषित पिछले साल पांच अगस्त को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के कारण बांग्लादेश से भागने के बाद से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में रह रही हैं. इससे पहले अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया था. यूनुस ने एक बयान में कहा, ‘आज बांग्लादेश के न्यायाधिकरण ने जिस स्पष्टता के
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