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'कहानी' से 'राज़ी' तक, इन एक्ट्रेसेस ने बदल दिया हिंदी सिनेमा का परिभाषा
पिछले एक दशक में विशेष रूप से महिलाओं के किरदारों को लेकर भारतीय सिनेमा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अब वह दौर धीरे-धीरे पीछे छूट रहा है जब फिल्मों में महिला पात्र केवल सहायक भूमिका तक सीमित होती थीं. अब ऐसी कहानियां सामने आ रही हैं, जहां महिलाएं मजबूत, जटिल और अपनी पहचान के साथ कहानी की मुख्य नायिका हैं. फिलहाल इस बदलाव को आगे बढ़ाने में कई अभिनेत्रियों का अहम योगदान रहा है, जिन्होंने परंपराओं को चुनौती देने वाले किरदार चुने और कहानी कहने के तरीके को नया रूप दिया. इस बदलाव की शुरुआत करने वालों में सबसे प्रभावशाली नाम विद्या बालन का है, जिन्होंने 'कहानी', 'द डर्टी पिक्चर' और 'तुम्हारी सुलु' जैसी फिल्मों के जरिए यह साबित किया कि मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा में महिला किरदार भी पूरी फिल्म को अपने दम पर संभाल सकती हैं. उनके किरदार आत्मविश्वासी, वास्तविक और काफी खूबसूरत रहे, जिन्होंने दर्शकों
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