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‘कटिंग-शेविंग’ से ‘ऑटो-ड्राइविंग’ तक, जुबली हिल्स की गलियों में वोट लेने के लिए नेताओं का 'तमाशा'
तेलंगाना के जुबली हिल्स की गलियों में उपचुनाव को लेकर इन दिनों एक अजीब ही नजारा देखने को मिल रहा है. यह सिर्फ एक चुनाव नहीं है, बल्कि नेताओं की ओर से किया जा रहा एक नाटक है, जिसका मंचन कुछ दिनों के लिए होता है और फिर पर्दा गिर जाता है. यह देखकर किसी को दुख हो सकता है, किसी को गुस्सा आ सकता है, लेकिन सच कहें तो यह इंटरेस्टिंग है कि सियासत नेताओं से क्या-क्या करवाती है. वोट बटोरने की इस होड़ में नेता अपने असली काम यानी जन-कल्याण और विकास को छोड़कर ऐसे काम कर रहे हैं जो उनके पद और प्रतिष्ठा से बिल्कुल मेल नहीं खाती है. कोई नेता नाई की दुकान पर हजामत बना रहा है, तो कोई सड़क पर ऑटो-रिक्शा चलाकर खुद को आम आदमी साबित करने की कोशिश कर रहा है. कोई चाय की दुकान पर चाय बना रहा है, तो कोई किसी
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