एनशॉर्ट्स
एसिड अटैक पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम : एसिड पिलाए जाने के शिकार लोगों को मिल सकता है दिव्यांग का दर्जा, लंबित मुकदमों की लगातार सुनवाई का भी दिया संकेत
एसिड हमले के शिकार लोगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है. कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि जिन लोगों को एसिड पिला दिया जाता है, उन्हें दिव्यांग का दर्जा क्यों नहीं दिया जा रहा है? साथ ही, कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट से एसिड अटैक मुकदमों का ब्यौरा मांगा है. चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा है कि इन मामलों को लगातार सुन कर तेजी से निपटाया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने यह कदम एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की याचिका पर उठाया है. वकील सीजा नायर के जरिए दाखिल याचिका में कोर्ट को बताया गया है कि जिन लोगों के चेहरे या शरीर पर एसिड डाला जाता है, उन्हें पर्सन्स विद डिसेबिलिटी एक्ट, 2016 के तहत दिव्यांग का दर्जा मिलता है, लेकिन जिन्हें एसिड पिला दिया गया है, उन्हें ऐसा कोई दर्जा नहीं दिया जाता है. इस तरह के पीड़ितों
तकनीकी रूप से संवर्धित सामग्री, सार्वजनिक हित में उचित उपयोग के तहत प्रस्तुत।