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ईरान संकट से कैसे हिली भारत की गैस सप्लाई और कौन-कौन से सेक्टर प्रभावित? जानें एक-एक डिटेल
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की ऊर्जा व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है. ईरान संकट के बाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई और कतर में LNG उत्पादन रुकने से भारत की प्राकृतिक गैस सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा है. इस स्थिति से देश की कई बड़ी गैस कंपनियां प्रभावित हुई हैं, जिनमें Petronet LNG, गेल (GAIL), इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL), महानगर गैस लिमिटेड (MGL), गुजरात स्टेट पेट्रोनट लिमिटेड (GSPL) और एजिस लॉजिस्टिक शामिल हैं. यह संकट सिर्फ कंपनियों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका असर खाद उत्पादन, उद्योग, बिजली और आम लोगों की रसोई तक पड़ सकता है. पहले समझिए कि भारत की गैस सप्लाई चेन कैसे काम करती है. भारत में प्राकृतिक गैस की सप्लाई एक लंबी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के जरिए चलती है. आमतौर पर LNG (Liquefied Natural Gas) कतर के रास लफान से जहाज़ों में भरकर निकलती है और
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