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अरुणाचल प्रदेश को क्यों अपना हिस्सा बताता है चीन, जानें क्या है ये पूरा सीमा विवाद?
ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय मूल की प्रेमा वांगियोम थोंगडोक के एक खत से एक बार फिर भारत और चीन का सीमा विवाद चर्चाओं में आ गया है. प्रेमा ने विदेश मंत्रालय को खत लिखकर अपना दर्द बयां किया है कि कैसे लंदन से जापान जाते वक्त ट्रांजिट के समय शंघाई में उनको रोका गया. उनके इंडियन पासपोर्ट को अवैध बताकर उन्हें परेशान किया गया. प्रेमा के पासपोर्ट पर उनका जन्मस्थान अरुणाचल प्रदेश लिखा है. चीनी अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि उनका पासपोर्ट इनवैलिड है. इतना ही नहीं उन्हें ये सलाह भी दी कि वह चीनी नागरिक हैं और उन्हें चीनी पासपोर्ट बनवाना चाहिए. चीन ने अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताकर प्रेमा के वीजा और पासपोर्ट को अमान्य करार दिया. प्रेमा का कहना है कि पहले भी वह कई बार शंघाई में ट्रांजिट के लिए रुकीं, लेकिन कभी उनके साथ ऐसा नहीं हुआ. प्रेमा 14 सालों
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