‘भाषाओं का धर्म से कोई…’ जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में गीतकार जावेद अख्तर का उर्दू पर बड़ा बयान, जानें क्या कहा


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'भाषाओं का धर्म से कोई…' जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में गीतकार जावेद अख्तर का उर्दू पर बड़ा बयान, जानें क्या कहा
जयपुर में बुधवार को आयोजित लिटरेचर फेस्टिवल के पहले दिन लेखक, गीतकार जावेद अख्तर ने शिरकत की. इस दौरान बैठक वेन्यू पर 'इंडिया इन उर्दू, उर्दू इन इंडिया' विषय को लेकर सेशन आयोजित किया. इस दौरान उन्होंने भाषा को लेकर छिड़े विवाद पर अपनी बात रखते हुए, उर्दू को सेक्युलर भाषा बताया. उन्होंने कहा कि भाषाओं का धर्म से लेना-देना नहीं है. जबकि इसी जुबान के चलते बंटवारा हुआ था. भाषा समझ में आनी चाहिए. माता पिता बच्चों को जितना समय धर्म के बारे में सिखाने में टाइम खराब करते हैं, उतने समय में उनको भाषा सिखाई जा सकती है. इस दौरान उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का उदाहरण भी दिया. कोर्ट ने कहा था कि उर्दू शब्दों का इस्तेमाल कम किया जाना चाहिए, लेकिन मैं कहता हूं कि इसकी जरूरत ही नहीं थी. 'लैंग्वेज रीजन की होती है, रिलीजन की नहीं होती' उन्होंने कहा कि लैंग्वेज रीजन की होती है, रिलीजन की
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